/** * Plugin main file. * * @package Google\Site_Kit * @copyright 2021 Google LLC * @license https://www.apache.org/licenses/LICENSE-2.0 Apache License 2.0 * @link https://sitekit.withgoogle.com * * @wordpress-plugin * Plugin Name: Site Kit by Google * Plugin URI: https://sitekit.withgoogle.com * Description: Site Kit is a one-stop solution for WordPress users to use everything Google has to offer to make them successful on the web. * Version: 1.160.1 * Requires at least: 5.2 * Requires PHP: 7.4 * Author: Google * Author URI: https://opensource.google.com * License: Apache License 2.0 * License URI: https://www.apache.org/licenses/LICENSE-2.0 * Text Domain: google-site-kit */ if ( ! defined( 'ABSPATH' ) ) { exit; // Exit if accessed directly. } // Define most essential constants. define( 'GOOGLESITEKIT_VERSION', '1.160.1' ); define( 'GOOGLESITEKIT_PLUGIN_MAIN_FILE', __FILE__ ); define( 'GOOGLESITEKIT_PHP_MINIMUM', '7.4.0' ); define( 'GOOGLESITEKIT_WP_MINIMUM', '5.2.0' ); /** * Handles plugin activation. * * Throws an error if the plugin is activated with an insufficient version of PHP. * * @since 1.0.0 * @since 1.3.0 Minimum required version of PHP raised to 5.6 * @since 1.125.0 Minimum required version of PHP raised to 7.4 * @access private * * @param bool $network_wide Whether to activate network-wide. */ function googlesitekit_activate_plugin( $network_wide ) { if ( version_compare( PHP_VERSION, GOOGLESITEKIT_PHP_MINIMUM, '<' ) ) { wp_die( /* translators: %s: version number */ esc_html( sprintf( __( 'Site Kit requires PHP version %s or higher', 'google-site-kit' ), GOOGLESITEKIT_PHP_MINIMUM ) ), esc_html__( 'Error Activating', 'google-site-kit' ) ); } if ( version_compare( get_bloginfo( 'version' ), GOOGLESITEKIT_WP_MINIMUM, '<' ) ) { wp_die( /* translators: %s: version number */ esc_html( sprintf( __( 'Site Kit requires WordPress version %s or higher', 'google-site-kit' ), GOOGLESITEKIT_WP_MINIMUM ) ), esc_html__( 'Error Activating', 'google-site-kit' ) ); } if ( $network_wide ) { return; } do_action( 'googlesitekit_activation', $network_wide ); } register_activation_hook( __FILE__, 'googlesitekit_activate_plugin' ); /** * Handles plugin deactivation. * * @since 1.0.0 * @access private * * @param bool $network_wide Whether to deactivate network-wide. */ function googlesitekit_deactivate_plugin( $network_wide ) { if ( version_compare( PHP_VERSION, GOOGLESITEKIT_PHP_MINIMUM, '<' ) ) { return; } if ( $network_wide ) { return; } do_action( 'googlesitekit_deactivation', $network_wide ); } register_deactivation_hook( __FILE__, 'googlesitekit_deactivate_plugin' ); /** * Resets opcache if possible. * * @since 1.3.0 * @access private */ function googlesitekit_opcache_reset() { if ( version_compare( PHP_VERSION, GOOGLESITEKIT_PHP_MINIMUM, '<' ) ) { return; } if ( ! function_exists( 'opcache_reset' ) ) { return; } if ( ! empty( ini_get( 'opcache.restrict_api' ) ) && strpos( __FILE__, ini_get( 'opcache.restrict_api' ) ) !== 0 ) { return; } // `opcache_reset` is prohibited on the WordPress VIP platform due to memory corruption. if ( defined( 'WPCOM_IS_VIP_ENV' ) && WPCOM_IS_VIP_ENV ) { return; } opcache_reset(); // phpcs:ignore WordPressVIPMinimum.Functions.RestrictedFunctions.opcache_opcache_reset } add_action( 'upgrader_process_complete', 'googlesitekit_opcache_reset' ); if ( version_compare( PHP_VERSION, GOOGLESITEKIT_PHP_MINIMUM, '>=' ) && version_compare( get_bloginfo( 'version' ), GOOGLESITEKIT_WP_MINIMUM, '>=' ) ) { require_once plugin_dir_path( __FILE__ ) . 'includes/loader.php'; } Blog – News Unpackeds https://newsunpackeds.com खबर अभी तक Thu, 04 Sep 2025 01:25:32 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.8.5 246617383 अनंत अंबानी के ‘वनतारा’ प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने SIT का गठन किया https://newsunpackeds.com/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/ https://newsunpackeds.com/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/#respond Thu, 04 Sep 2025 01:25:32 +0000 https://newsunpackeds.com/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/ Read more]]>


अनंत अंबानी का ‘वनतारा’ (Vantara) प्रोजेक्ट, जो जानवरों के लिए एक विशाल बचाव और पुनर्वास केंद्र है, हाल ही में कई विवादों से घिरा हुआ है। इस प्रोजेक्ट को मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा औपचारिक रूप से शुरू किया गया था। हालांकि, अपनी भव्यता के बावजूद, यह प्रोजेक्ट जानवरों की तस्करी और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के कारण जांच के दायरे में आ गया है।
वनतारा की उत्पत्ति
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2015-16 में ‘गौरी’ नामक एक हाथी के बचाव और पुनर्वास से प्रेरित होकर हुई थी, जिसने राधा कृष्ण मंदिर हाथी कल्याण ट्रस्ट की स्थापना को जन्म दिया। बाद में इसे ग्रीन जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के साथ मिला दिया गया। यह केंद्र गुजरात के जामनगर में स्थित है और इसका विस्तार 3,500 एकड़ में फैला हुआ है।
जानवरों की तस्करी के आरोप
विवाद तब गहराया जब जर्मन अखबार Süddeutsche Zeitung और वेनेजुएला की वेबसाइट Armando.info की रिपोर्ट में दावा किया गया कि वनतारा ने 32 अलग-अलग देशों से 39,000 जंगली जानवर आयात किए, जिनमें 11,000 लुप्तप्राय प्रजातियां शामिल थीं। इसके अलावा, Africa Geographics ने आरोप लगाया कि नौ गंभीर रूप से लुप्तप्राय चिंपैंजी को अवैध रूप से कांगो से वनतारा लाया गया था।
जानवरों के स्थानांतरण के बारे में चिंताएं
प्रोजेक्ट में कई हाथियों के स्थानांतरण को लेकर भी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। महाराष्ट्र के कोल्हापुर से महादेवी और त्रिपुरा से प्रतिमा जैसे हाथियों को इलाज के लिए वनतारा ले जाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, देश भर से 200 से अधिक हाथियों को इस केंद्र में लाया गया है, जिससे उनके कल्याण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कार्बन क्रेडिट विवाद
एक और बड़ा आरोप यह है कि वनतारा का इस्तेमाल रिलायंस समूह के लिए कार्बन क्रेडिट उत्पन्न करने के लिए किया जा रहा है। यह आरोप लगाया गया है कि यह केंद्र सालाना 4,300 टन कार्बन क्रेडिट का उत्पादन कर सकता है, जिसका उपयोग रिलायंस के कार्बन उत्सर्जन को ऑफसेट करने या अन्य उद्योगों को बेचने के लिए किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप
इन सभी आरोपों के मद्देनजर, एक जनहित याचिका के जवाब में, सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त, 2025 को एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। एसआईटी को यह जांच करने का काम सौंपा गया है कि क्या वनतारा ने जानवरों के अधिग्रहण और स्थानांतरण के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया है, क्या यह एक निजी चिड़ियाघर के रूप में काम कर रहा है, और क्या यह मनी लॉन्ड्रिंग या कार्बन क्रेडिट के दुरुपयोग में शामिल है। एसआईटी को अपनी रिपोर्ट 12 सितंबर, 2025 तक अदालत में पेश करनी है, जिसके बाद इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद है।

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कुनिका सदानंद की रणनीतियाँ: दादागिरी बनाम सलमान की दोस्ती https://newsunpackeds.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af/ https://newsunpackeds.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af/#respond Wed, 03 Sep 2025 04:11:20 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2939 Read more]]>

‘दादागिरी’ कर बिग बॉस में आगे बढ़ पाएंगी कुनिका सदानंद! सलमान संग दोस्ती या ओवरकॉन्फिडेंस है वजह?चर्चा में कुनिका सदानंद का नामबिग बॉस का नया सीज़न शुरू होने से पहले ही चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया है। शो में शामिल होने वाले संभावित कंटेस्टेंट्स की लिस्ट में एक नाम जो सबसे ज़्यादा सुर्खियां बटोर रहा है, वह है मशहूर अभिनेत्री कुनिका सदानंद का। मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों के अनुसार, कुनिका को बिग बॉस 19 की ‘बॉस लेडी’ के रूप में देखा जा रहा है।क्या ‘दादागिरी’ बनेगी शो की रणनीति?Aaj Tak के लेख के अनुसार, कुनिका के स्वभाव को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह शो में ‘दादागिरी’ का रवैया अपना सकती हैं। इस लेख में उनकी तुलना बिग बॉस के पूर्व कंटेस्टेंट डॉली बिंद्रा से की गई है, जिन्हें उनके आक्रामक और बेबाक अंदाज़ के लिए जाना जाता था। अगर कुनिका भी यही रणनीति अपनाती हैं, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इसे कैसे लेते हैं।सलमान खान से दोस्ती का फायदा?लेख में एक और बड़ा सवाल उठाया गया है कि क्या सलमान खान के साथ उनकी पुरानी दोस्ती उन्हें शो में कोई फायदा दिला सकती है? कुनिका और सलमान ने कई फिल्मों में साथ काम किया है, और उनकी आपसी समझ अच्छी मानी जाती है। हालांकि, यह भी सच है कि सलमान खान बिग बॉस में हमेशा निष्पक्ष रहने की कोशिश करते हैं और दोस्तों को भी नहीं बख्शते हैं। फिर भी, यह दोस्ती कुनिका के लिए एक मनोवैज्ञानिक बढ़त साबित हो सकती है।क्या ओवरकॉन्फिडेंस है वजह?कुनिका एक अनुभवी अभिनेत्री हैं और उन्होंने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए हैं। उनका यह अनुभव उन्हें शो के अंदर की राजनीति को समझने में मदद कर सकता है। लेकिन, कुछ लोगों का मानना है कि उनका आत्मविश्वास कभी-कभी ओवरकॉन्फिडेंस में बदल सकता है, जो बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। शो में विनम्रता और धैर्य भी बहुत ज़रूरी होता है।निष्कर्षकुल मिलाकर, कुनिका सदानंद का बिग बॉस में आना दर्शकों के लिए काफी मनोरंजक हो सकता है। क्या वह ‘दादागिरी’ से शो जीतेंगी, या सलमान की दोस्ती उनका साथ देगी, या उनका ओवरकॉन्फिडेंस ही उनकी हार का कारण बनेगा, यह तो शो शुरू होने के बाद ही पता चलेगा।

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कर्नाटक स्कूल घटना: नाबालिग छात्रा बनी माँ—कितनी सुरक्षित हैं हमारे स्कूल? https://newsunpackeds.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2/ https://newsunpackeds.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2/#respond Sun, 31 Aug 2025 01:33:49 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2926 Read more]]> कर्नाटक की घटना: एक दर्दनाक सच और समाज के सामने खड़े सवाल

कर्नाटक के यादगीर जिले में एक सरकारी आवासीय स्कूल में 9वीं कक्षा की छात्रा का माँ बनना, समाज और हमारी शिक्षा प्रणाली दोनों के लिए एक चेतावनी है। यह सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज की गहरी विसंगतियों को दर्शाती है।

क्या हुआ?

28 अगस्त 2025 को, यादगीर के एक सरकारी आवासीय स्कूल में 17 वर्षीय छात्रा ने स्कूल के शौचालय में एक बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने न सिर्फ स्कूल प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया, बल्कि यह भी बताया कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर है।

जांच में पता चला कि छात्रा 8 महीने से अधिक की गर्भवती थी, लेकिन स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। इस लापरवाही के लिए प्रिंसिपल और वार्डन सहित कई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। यह एक गंभीर अपराध है, क्योंकि बच्ची अभी नाबालिग है।

सामाजिक और नैतिक चुनौतियाँ

यह घटना कई गंभीर सवाल उठाती है:

बच्चों की सुरक्षा: क्या हमारे स्कूल और छात्रावास बच्चों के लिए सुरक्षित हैं? यह घटना दिखाती है कि इन जगहों पर सुरक्षा नियमों का पालन ठीक से नहीं किया जा रहा है।

यौन शिक्षा और जागरूकता: अगर लड़कियों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक बदलावों और यौन स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी नहीं है, तो ऐसी घटनाएं बार-बार होंगी।

सामाजिक stigma (कलंक): हमारे समाज में ऐसी घटनाओं को कलंक माना जाता है, जिससे पीड़ित लड़कियां डर के मारे चुप रहती हैं।

परिवार की भूमिका: क्या परिवार अपने बच्चों पर पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं? इस मामले में, यह एक बड़ा सवाल है कि परिवार को अपनी बेटी के शारीरिक बदलावों का पता क्यों नहीं चला।आगे का रास्ताइस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए, हमें कई स्तरों पर काम करना होगा:

जागरूकता फैलाना: स्कूल और परिवार दोनों को मिलकर बच्चों में यौन शिक्षा और स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए।

सुरक्षा बढ़ाना: हॉस्टल और स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

कानूनी कार्रवाई: ऐसे मामलों में दोषियों को तुरंत और सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि दूसरों के लिए यह एक सबक बने।यह घटना एक दर्दनाक reminder है कि हमें अपने समाज में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक सबक है।अगर आप चाहें, तो मैं इस घटना से जुड़ी किसी ख़ास जानकारी, जैसे – कानूनी पहलू, सामाजिक प्रभाव, या निवारक उपायों पर अधिक जानकारी दे सकता हूँ।

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“Reliance Jio IPO 2025: जानिए लॉन्च डेट, कीमत और निवेश के फायदे”. https://newsunpackeds.com/reliance-jio-ipo-2025-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4-%e0%a4%94/ https://newsunpackeds.com/reliance-jio-ipo-2025-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4-%e0%a4%94/#respond Fri, 29 Aug 2025 11:51:57 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2912 Read more]]>

रिलायंस जियो आईपीओ पर विस्तृत लेखरिलायंस जियो आईपीओ भारत के शेयर बाजार में उतारी जाने वाली सबसे प्रतीक्षित और बड़ी इवेंट्स में से एक है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 2025 की वार्षिक आम बैठक (AGM) में घोषणा की है कि जियो का आईपीओ 2026 की पहली छमाही तक लांच किया जाएगा। यह आईपीओ भारत के इतिहास में सबसे बड़े आईपीओज़ में से एक माना जा रहा है, जिससे निवेशकों और बाजार में उत्साह की स्थिति बनी हुई है।जियो की वर्तमान स्थितिरिलायंस जियो ने भारतीय डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर में क्रांति ला दी है। वर्तमान में जियो के 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, जिनमें से लगभग 22 करोड़ 5G यूजर्स हैं। जियो का नेटवर्क व्यापक है और उसने डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण रोल निभाया है। वित्तीय वर्ष 2025 में जियो का रेवेन्यू 1.28 लाख करोड़ रुपये के करीब था, जबकि इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) लगभग 64,170 करोड़ रुपये था। यह ग्रोथ दर्शाती है कि कंपनी ने अपनी रणनीति में कितना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।आईपीओ क्यों है महत्वपूर्ण?जियो के आईपीओ से रिलायंस इंडस्ट्रीज को डिजिटल और टेलीकॉम सेक्टर में अपने व्यवसाय को और विस्तार देने का मौका मिलेगा। इसके जरिए कंपनी को फंड मिलेगा जिससे वह 5G, फिक्स्ड लाइन ब्रॉडबैंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य नए टेक्नोलॉजी में निवेश कर सकेगी। जियो के वैश्विक निवेशकों में फेसबुक (मेटा), गूगल जैसे दिग्गज पहले ही शामिल हैं। आईपीओ के बाद यह निवेश और भी बढ़ सकते हैं।आईपीओ की उम्मीद की जा रही राशि और दिनांकमुक़ेश अंबानी की घोषणा के अनुसार, जियो आईपीओ अगले साल 2026 की पहली छमाही में आ जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि इस आईपीओ का साइज 35,000 से 40,000 करोड़ रुपए के बीच हो सकता है, जो इसे भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक बनाता है। हालांकि, कंपनी अभी तक इस संदर्भ में आधिकारिक तारीख और कीमत घोषित नहीं कर पाई है।निवेशकों के लिए फायदेजियो का मजबूत बाजार और वितरण नेटवर्क निवेश के लिए भरोसेमंद आधार प्रदान करता है।तेजी से बढ़ रही डिजिटल सेवाएं और उपभोक्ता बेस अधिक रिटर्न की उम्मीद देता है।आईपीओ में निवेश से शुरुआती दौर में अच्छे रिटर्न पाने का मौका होता है।जोखिम और सावधानियांकिसी भी निवेश के साथ जोखिम भी जुड़े होते हैं। स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव आम बात है। इसलिए निवेशकों को निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लेना जरूरी है। कंपनी की ग्रोथ अच्छी है, लेकिन मार्केट की स्थिति और अन्य आर्थिक कारक भी प्रभाव डाल सकते हैं।

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https://newsunpackeds.com/2907-2/ https://newsunpackeds.com/2907-2/#respond Sat, 23 Aug 2025 14:08:18 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2907 Read more]]> TikTok Ban: भारत में टिकटॉक की वेबसाइट दिखने लगी है, जिससे बैन हटने की अफवाहें फैल गईं. जानिए सरकार ने क्या कहा और टिकटॉक पर बैन क्यों लगा था

क्या TikTok भारत में फिर से लौट आया है? हाल ही में कुछ यूजर्स ने दावा किया कि वे TikTok की वेबसाइट एक्सेस कर पा रहे हैं. इससे अफवाहें फैल गईं कि भारत सरकार ने टिकटॉक पर से बैन (TikTok Ban) हटा लिया है. लेकिन अब सरकार ने इस पर स्पष्ट बयान जारी किया है.

सरकार ने कहा: बैन अब भी जारी हैइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत सरकार ने TikTok को अनब्लॉक करने का कोई आदेश नहीं दिया है. मंत्रालय ने ऐसी खबरों को “झूठी और भ्रामक” बताया है. TikTok ऐप अभी भी Google Play Store और Apple App Store पर उपलब्ध नहीं है.

TikTok पर बैन क्यों लगा था?

जून 2020 में भारत सरकार ने TikTok समेत 59 चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था. इसका कारण था- राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और भारत की संप्रभुता को खतरा. उस समय भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में तनाव चरम पर था. सरकार ने बताया था कि ये ऐप्स यूजर्स का डेटा चीन के सर्वर तक भेज रहे थे और कुछ ऐप्स संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे.

TikTok की लोकप्रियता और असर

बैन से पहले TikTok के भारत में करीब 20 करोड़ यूजर्स थे. भारत TikTok का सबसे बड़ा मार्केट बन चुका था. यहां लाखों क्रिएटर्स इस प्लेटफॉर्म से जुड़े थे. बैन के बाद ByteDance और अन्य चीनी कंपनियों पर भारत में सख्ती बढ़ गई

सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया भी सतर्कभारत के अलावा कई देशों ने चीनी ऐप्स और हार्डवेयर पर सवाल उठाए हैं. खासकर 5G नेटवर्किंग उपकरणों में ‘बैकडोर’ की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित किया है.

वेबसाइट दिखना बैन हटने का संकेत नहीं

TikTok की वेबसाइट कुछ यूजर्स को दिख रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ऐप पर से बैन हट गया है. यह तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है. सरकार ने साफ किया है कि TikTok अब भी भारत में प्रतिबंधित है.

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Jio के 1GB/दिन वाले प्लान बंद: ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर https://newsunpackeds.com/jio-%e0%a4%95%e0%a5%87-1gb-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0/ https://newsunpackeds.com/jio-%e0%a4%95%e0%a5%87-1gb-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0/#respond Wed, 20 Aug 2025 19:57:29 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2892 Read more]]> हाल ही में, देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने चुपचाप अपने कई लोकप्रिय और सस्ते 1GB डेली डेटा वाले प्रीपेड प्लान्स को बंद कर दिया है। इस कदम ने उन लाखों ग्राहकों को प्रभावित किया है जो कम कीमत में अपनी इंटरनेट की ज़रूरतों को पूरा कर रहे थे। अब ग्राहकों के पास ज़्यादा डेटा और ऊँचे दामों वाले प्लान चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।

कौन से प्लान बंद हुए?

जियो ने 28 दिनों की वैलिडिटी वाले ₹249 के प्लान और 22 दिनों की वैलिडिटी वाले ₹209 के प्लान को अपनी वेबसाइट और ऐप से हटा दिया है। ये प्लान्स 1GB डेली डेटा के साथ आते थे और कम डेटा इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के बीच काफ़ी लोकप्रिय थे।इस बदलाव के बाद, जियो का नया बेस प्लान ₹299 वाला हो गया है, जिसमें ग्राहकों को 1.5GB डेटा प्रतिदिन मिलता है। यानी, अगर आप पहले ₹249 में 1GB डेटा लेते थे, तो अब आपको कम से कम ₹299 खर्च करने होंगे, भले ही आपको अतिरिक्त 0.5GB डेटा की ज़रूरत न हो।

कंपनियों के इस कदम के पीछे क्या है कारण?

यह बदलाव महज़ एक संयोग नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इसके पीछे दो मुख्य कारण माने जा रहे हैं:

ARPU (Average Revenue Per User) बढ़ाना: टेलीकॉम कंपनियों का मुख्य उद्देश्य प्रति उपयोगकर्ता औसत कमाई (ARPU) को बढ़ाना है। 5G नेटवर्क के लिए कंपनियों ने भारी निवेश किया है, और अब वे इस निवेश की भरपाई के लिए अपने प्लान्स की कीमतों में इज़ाफ़ा कर रही हैं।

5G को बढ़ावा देना: ज़्यादा डेटा वाले प्लान्स को बढ़ावा देकर कंपनियां ग्राहकों को 5G नेटवर्क का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, क्योंकि 5G पर डेटा की खपत ज़्यादा होती है।

बाक़ी कंपनियों का क्या रुख है?

जियो के इस कदम के बाद, एयरटेल ने भी अपने ₹249 के 1GB डेली डेटा प्लान को बंद कर दिया है। एयरटेल का नया बेस प्लान अब ₹319 का है, जिसमें 1.5GB डेटा प्रतिदिन मिलता है। वहीं, वोडाफोन आइडिया (Vi) ने अभी तक ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि Vi भी जल्द ही इसी राह पर चल सकता है।यह ट्रेंड बताता है कि भविष्य में टेलीकॉम रिचार्ज और भी महंगे हो सकते हैं, जिससे ग्राहकों को अपनी इंटरनेट और कॉलिंग की ज़रूरतों के लिए ज़्यादा पैसे चुकाने होंगे। यह एक तरह से ग्राहकों को ज़्यादा डेटा इस्तेमाल करने के लिए मजबूर करना है, चाहे उन्हें उसकी ज़रूरत हो या न हो।

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इरफान पठान: सोशल मीडिया ट्रोलिंग का सामना कैसे करें https://newsunpackeds.com/irfan-pathan-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%9f%e0%a5%8d/ https://newsunpackeds.com/irfan-pathan-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%9f%e0%a5%8d/#respond Wed, 20 Aug 2025 16:56:47 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2882 Read more]]>

इरफान पठान और उनकी पत्नी सफा बेग

इरफान पठान ने सोशल मीडिया ट्रोलिंग और अपनी पत्नी से रिश्ते पर खुलकर बात कीभारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी इरफान पठान ने हाल ही में एक वीडियो में अपनी निजी ज़िंदगी और सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी सफा बेग को होने वाली ट्रोलिंग पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि किस तरह बेवजह के कमेंट्स ने उनकी पत्नी को प्रभावित किया और कैसे उन्होंने इन चुनौतियों का सामना किया।

ट्रोलिंग का दर्द और जवाब

इरफान पठान ने बताया कि उनकी पत्नी सफा को शुरुआत में ट्रोलिंग से बहुत दुख होता था। वह बिना किसी कारण के होने वाले इन बुरे कमेंट्स से परेशान थीं। इरफान ने उन्हें समझाया कि अगर कोई इंसान अपनी बात पर कायम है, तो उसे दूसरों की राय से फर्क नहीं पड़ना चाहिए। उनका मानना है कि सच्चा सुख और खुशी निजी होती है, और इसे ज़्यादा लोगों के सामने नहीं लाना चाहिए। उनकी यह बात बताती है कि वे अपनी निजी ज़िंदगी को पब्लिक की नज़रों से दूर रखना चाहते हैं।

सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी

इरफान पठान ने अपनी प्रेम कहानी के बारे में भी बताया, जिसकी शुरुआत सोशल मीडिया से हुई थी। उन्होंने बताया कि उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें अपने बेटे सुलेमान और इमरान की तस्वीरें भेजी थीं, जिसके बाद वह सफा बेग से मिले। इरफान ने बताया कि यह उनकी तरफ से ही पहल थी। ख़ास बात यह है कि उन्होंने डेटिंग करने की बजाय सीधे परिवारों से मिलने और शादी करने का फ़ैसला किया। सिर्फ़ छह महीनों में उनकी सगाई हुई और फिर दोनों हमेशा के लिए एक हो गए।इस तरह, इरफान पठान ने न सिर्फ़ अपनी पत्नी के लिए खड़े होने का मजबूत संदेश दिया, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे एक निजी रिश्ता सोशल मीडिया की दुनिया में भी सच्चा और मजबूत बना रह सकता है।

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मनीषा की मौत-9 दिन की जांच में 6 चूक:बवाल की सबसे बड़ी वजह 5 दिन बाद अचानक सुसाइड नोट सामने लाना; मोबाइल अभी भी गायब https://newsunpackeds.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-9-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87/ https://newsunpackeds.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%a4-9-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9a-%e0%a4%ae%e0%a5%87/#respond Tue, 19 Aug 2025 18:03:36 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2872 Read more]]>

हरियाणा की 19 वर्षीय टीचर मनीषा की मौत का मामला एक उलझी हुई पहेली बन गया है, जहाँ हर नए खुलासे के साथ पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। यह एक ऐसा केस है जिसने जनता के आक्रोश को भड़का दिया है और प्रशासन को भी बैकफुट पर ला दिया है।

मामला: हत्या या आत्महत्या?11 अगस्त को मनीषा अपने घर से निकली थी और दो दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव खेत में मिला। शव की हालत देखकर शुरुआती तौर पर इसे निर्मम हत्या माना गया। गर्दन पर गहरा घाव था, जिससे लगा कि गला काटा गया है। इसी आधार पर पुलिस पर तुरंत कार्रवाई करने का दबाव बढ़ गया।लेकिन 18 अगस्त को, यानी शव मिलने के पाँच दिन बाद, इस मामले में एक नया मोड़ आया। पुलिस ने अचानक सुसाइड नोट मिलने की बात कही और दावा किया कि यह हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का मामला है।पुलिस की जांच पर 6 बड़े सवालइस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं:

* FIR में देरी: मनीषा के लापता होने के बाद, परिवार ने तुरंत शिकायत की, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और FIR दर्ज करने में 24 घंटे की देरी की। परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की होती तो शायद मनीषा की जान बच सकती थी।

* सुसाइड नोट को छिपाना: अगर सुसाइड नोट 13 अगस्त को ही शव के पास मिल गया था, तो उसे पाँच दिनों तक क्यों छिपाकर रखा गया? पुलिस ने इस अहम सबूत को सार्वजनिक करने में इतनी देरी क्यों की? इसी वजह से जनता में आक्रोश फैला और उन्होंने इसे हत्या मान लिया।

* मुख्यमंत्री को अधूरी जानकारी: जब मामला बढ़ा और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद एसपी का तबादला हुआ, तब भी उन्हें सुसाइड नोट के बारे में जानकारी नहीं दी गई। यदि सीएम को यह तथ्य पता होता, तो क्या वे दोषियों पर कार्रवाई की बात करते?

* पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की अस्पष्टता: पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण और समय स्पष्ट नहीं था। इसने परिवार को और भी असंतुष्ट कर दिया, जिसके बाद दोबारा पोस्टमॉर्टम करवाना पड़ा।

* अचानक यू-टर्न: पुलिस का पाँच दिन बाद अचानक सुसाइड थ्योरी पर आना लोगों को विश्वसनीय नहीं लग रहा। यह बदलाव पुलिस की जांच पर भरोसा कम कर रहा है।

* गायब मोबाइल: घटनास्थल से सुसाइड नोट और मोबाइल कवर तो मिला, लेकिन मनीषा का मोबाइल फोन अभी भी गायब है। यह एक महत्वपूर्ण सबूत हो सकता है जो मौत के पीछे की वजह को उजागर कर सकता है। पुलिस इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे रही है।जन आक्रोश और आगे की राहइन सभी चूकों ने पुलिस पर जनता का भरोसा कम कर दिया है। ग्रामीण और परिवार के लोग पुलिस की सुसाइड थ्योरी पर विश्वास नहीं कर रहे हैं और जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है।इस मामले में पुलिस को पारदर्शी तरीके से जांच करनी चाहिए और सभी सबूतों, खासकर गायब हुए मोबाइल फोन को जल्द से जल्द ढूंढना चाहिए। जब तक हर सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, यह मामला शांत नहीं होगा और न्याय की मांग जारी रहेगी।

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‘100 में से 4 लड़कियां पवित्र…’, प्रेमानंद महाराज के इस बयान पर मचा बवाल, अंकिता लोखंडे और राजीव अदातिया ने किया https://newsunpackeds.com/100-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-4-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/ https://newsunpackeds.com/100-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%87-4-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/#respond Mon, 04 Aug 2025 04:19:37 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2862 Read more]]>
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हाल ही में आध्यात्मिक गुरुओं के कुछ बयानों ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। इस विवाद की शुरुआत आध्यात्मिक गुरु अनिरुद्धाचार्य के एक बयान से हुई, जिसमें उन्होंने 25 साल की लड़कियों पर टिप्पणी की। इसके तुरंत बाद, प्रेमानंद महाराज का एक पुराना वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें वे कहते दिख रहे हैं कि “100 में से सिर्फ 2 से 4 लड़कियां ही पवित्र होती हैं।” हालांकि, उन्होंने अपने बयान में दोनों लिंगों की बात की थी, फिर भी इस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।इस बयान को लेकर जहां एक तरफ कई लोग प्रेमानंद महाराज की आलोचना कर रहे हैं, वहीं टीवी की दुनिया के कुछ जाने-माने चेहरे उनके समर्थन में सामने आए हैं। एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और ‘बिग बॉस’ फेम राजीव अदातिया ने सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज का समर्थन करते हुए पोस्ट किया है। उन्होंने कहा है कि महाराज ने कुछ भी गलत नहीं कहा है।अंकिता लोखंडे और राजीव अदातिया के इस कदम ने इस बहस को और भी गरमा दिया है। एक तरफ जहाँ कुछ लोग उनके समर्थन की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे गलत बता रहे हैं। यह घटना दिखाती है कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर लोगों के विचार कितने बंटे हुए हैं और कैसे एक बयान बड़ी बहस का मुद्दा बन सकता है।

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UPI New Rules: आज से UPI पेमेंट पर बैक वाले चार्ज वसूलेगी! https://newsunpackeds.com/upi-new-rules-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-upi-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87/ https://newsunpackeds.com/upi-new-rules-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-upi-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87/#respond Fri, 01 Aug 2025 15:35:45 +0000 https://newsunpackeds.com/?p=2856 Read more]]>

हाल ही में आईसीआईसीआई बैंक ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन को लेकर एक नया नियम लागू किया है, जिससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में काफी चर्चा हो रही है। इस नए नियम के तहत, बैंक ने कुछ UPI लेनदेन पर शुल्क लगाना शुरू कर दिया है। यह कदम यूपीआई इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती लागत और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी में कमी के मद्देनजर उठाया गया है।

क्या है नया नियम और किन पर लगेगा चार्ज?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा लगाए गए ये नए शुल्क सीधे तौर पर आम ग्राहकों (End Customers) पर लागू नहीं होंगे। यानी, अगर आप किसी दुकान पर क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान करते हैं या किसी दोस्त को पैसे भेजते हैं, तो आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।यह शुल्क मुख्य रूप से पेमेंट एग्रीगेटर्स (Payment Aggregators) पर लगाया जा रहा है। पेमेंट एग्रीगेटर, जैसे कि रेजरपे, कैशफ्री, और पेयू, ऐसी कंपनियां हैं जो व्यापारियों के लिए डिजिटल पेमेंट की सुविधा प्रदान करती हैं।बैंक ने पेमेंट एग्रीगेटर्स के लिए दो तरह के शुल्क निर्धारित किए हैं: * जिनका एस्क्रो अकाउंट ICICI बैंक में है: ऐसे पेमेंट एग्रीगेटर्स से प्रति ट्रांजैक्शन 0.02% का चार्ज लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹6 होगी। * जिनका एस्क्रो अकाउंट ICICI बैंक में नहीं है: ऐसे एग्रीगेटर्स से 0.04% का चार्ज लिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹10 प्रति ट्रांजैक्शन होगी।

इस कदम का क्या असर होगा?

आईसीआईसीआई बैंक का यह कदम यूपीआई पेमेंट के मौजूदा “जीरो-फीस” मॉडल को चुनौती देता है। हालांकि यह शुल्क सीधे ग्राहकों पर नहीं लग रहा है, लेकिन पेमेंट एग्रीगेटर्स द्वारा इसे व्यापारियों पर या फिर किसी अन्य रूप में ग्राहकों पर भी ट्रांसफर किया जा सकता है। इससे छोटे व्यापारियों पर अधिक दबाव पड़ सकता है, क्योंकि उनके पास बड़े व्यापारियों की तरह बेहतर शर्तों पर बातचीत करने की शक्ति नहीं होती।यूपीआई के माध्यम से होने वाले लेन-देन में भारी वृद्धि के कारण बैंकों पर इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी को बनाए रखने की लागत बढ़ गई है। सरकार द्वारा सब्सिडी में कमी के बाद, बैंकों को अब इन लागतों को पूरा करने के लिए नए तरीके खोजने पड़ रहे हैं। आईसीआईसीआई बैंक का यह कदम इसी दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।अन्य बैंकों की स्थितिआईसीआईसीआई बैंक के अलावा, यस बैंक और एक्सिस बैंक जैसे कुछ अन्य निजी बैंक भी यूपीआई लेनदेन के लिए पेमेंट एग्रीगेटर्स से शुल्क लेते रहे हैं। यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि भविष्य में अन्य बैंक भी इस तरह के कदम उठा सकते हैं, जिससे यूपीआई इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव आ सकता है।

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