पटना के पारस अस्पताल में कुछ समय पहले हुई कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की सनसनीखेज हत्या ने बिहार पुलिस और अपराध जगत दोनों को चौंका दिया था। अब इस मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिहार पुलिस ने पश्चिम बंगाल से छह आरोपियों को धर दबोचा है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की गुत्थी सुलझने की उम्मीद बढ़ गई है।
क्या हुआ था उस दिन?
चंदन मिश्रा, जो बक्सर का एक कुख्यात अपराधी था और जिस पर कई हत्याओं के मामले दर्ज थे, पैरोल पर इलाज के लिए पारस अस्पताल में भर्ती था। दिन-दहाड़े, बेखौफ अपराधियों ने अस्पताल परिसर में ही उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, बल्कि यह भी स्पष्ट कर दिया था कि अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
जांच और गिरफ्तारियां
घटना के बाद से ही बिहार एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) और पटना पुलिस की संयुक्त टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही थी। सीसीटीवी फुटेज, खुफिया जानकारी और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने अपराधियों की पहचान की। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान तौसीफ बादशाह और शेरू सिंह जैसे नामों का सामने आना इस मामले को और भी उलझा रहा था।
बताया जा रहा है कि चंदन की हत्या का मास्टरमाइंड पुरुलिया जेल में बंद शेरू सिंह था, जिसने तौसीफ बादशाह को चंदन को खत्म करने की सुपारी दी थी। यह आपसी वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम माना जा रहा है, जिसमें एक कुख्यात अपराधी दूसरे का शिकार बन गया।
बिहार पुलिस की टीम ने पश्चिम बंगाल में अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया और छह संदिग्धों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। फिलहाल, इन आरोपियों से पश्चिम बंगाल में ही पूछताछ की जा रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें पटना लाया जाएगा, जहां उनसे आगे की पूछताछ होगी।
क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
इन गिरफ्तारियों को चंदन मिश्रा हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। उम्मीद है कि इनसे न केवल हत्या के पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा, बल्कि इसमें शामिल अन्य अपराधियों और उनके मददगारों तक भी पुलिस पहुंच पाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह गिरफ्तारी बिहार में पनप रहे संगठित अपराध की जड़ों तक पहुंचने में पुलिस की मदद करती है।
इस मामले में आगे क्या नई जानकारी सामने आती है, यह जानने के लिए हमें इंतजार करना होगा।
