परम सुंदरी मूवी रिव्यू: हल्के-फुल्के अंदाज में संस्कृति, प्यार और कॉमेडी की खूबसूरत झलकजान्हवी कपूर और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘परम सुंदरी’ अगस्त 2025 में रिलीज हुई, जिसने दर्शकों के दिलों में हल्का-फुल्का मनोरंजन और सांस्कृतिक झलक छोड़ने की कोशिश की है। यह फिल्म नॉर्थ इंडिया और साउथ इंडिया के बीच की सांस्कृतिक दूरी को प्यार, हास्य और पारिवारिक भावनाओं के जरिए पिरोकर एक सहज अनुभव पेश करती है। आइए इस फिल्म की कहानी, एक्टिंग, संगीत और निर्देशन के पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।कहानी का सार और विषय-वस्तु ‘परम सुंदरी’ की कहानी परम (सिद्धार्थ मल्होत्रा) और सुंदरी (जान्हवी कपूर) के इर्द-गिर्द घूमती है। परम, जो एक अमीर परिवार से है, एक नए स्टार्टअप—डेटिंग ऐप—को सफल बनाकर अपने पिता से निवेश पाने की चुनौती लेता है। उसकी सोलमेट यानी जीवन साथी इस ऐप के जरिए पता चलती है, जो केरल की रहने वाली सुंदरी होती है। सुंदरी, जो सोशल मीडिया से दूर, आत्मनिर्भर और डांस की शौकीन एक लड़की है, अपनी पारंपरिक संस्कृति से गहरा जुड़ा हुआ दिखती है। उत्तर और दक्षिण भारत की दो अलग-अलग दुनिया से आने वाले दोनों की मुलाकात और प्यार की कहानी फिल्म का मूल तत्व है। बीच में कई हास्यपूर्ण स्थितियां, पारिवारिक जटिलताएं और प्यार की लड़ाइयां फिल्म की गति में बदलाव लाती हैं।हालांकि, कहानी में कुछ जगहों पर नईपन की कमी नजर आती है। इसका पहला हिस्सा धीमे बोलता है, जहां दर्शक को कहानी के बहाव में आने में वक्त लगता है, जबकि दूसरा हिस्सा थोड़ा खींचा हुआ लगता है। फिर भी, पारंपरिक बॉलीवुड रोमांस के नए संस्करण के तौर पर इसे देखा जा सकता है, जिसमें ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ जैसी फिल्मों की यादें ताजा हो जाती हैं।अभिनय और कैमिस्ट्री जान्हवी कपूर ने ‘परम सुंदरी’ में आत्मविश्वास और सरलता के साथ सुंदरी के किरदार को जीवंत किया है। उनके अभिनय में एक स्वाभाविकता और आत्मीयता दिखती है, जो दर्शकों को उनके किरदार से जुड़ने में मदद करती है। कुछ दृश्यों में ओवरएक्टिंग भी नजर आई, लेकिन फिल्म के कॉमिक टोन के चलते इसे सहन किया जा सकता है।सिद्धार्थ मल्होत्रा ने परम का किरदार निभाते हुए उसे स्टाइलिश और सहज तरीके से प्रस्तुत किया है। हालांकि, यूं कहें कि उनका प्रदर्शन थोड़ा औसत ही रहा, और कुछ दृश्यों में उनकी भाव-भंगिमा में और निखार की जरूरत थी।दोनों की जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीता है, खासकर उन लोगों का जो पॉपुलर बॉलीवुड रोमांटिक जोड़ों की केमिस्ट्री देखने के शौकीन हैं। इनके बीच केमिस्ट्री ने फिल्म को थोड़ा ताजगी प्रदान की, जिससे यह साफ हुआ कि ये दोनों कलाकार भविष्य में और बेहतर अभिनय की गुंजाइश रखते हैं।संगीत और लोकेशन संगीत ने फिल्म में जान डाली है। सोनू निगम का गाना ‘परदेसिया’ और श्रेया घोषाल व अदनान सामी का ‘भीगी साड़ी’ गाना दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में कामयाब रहे हैं। केरल की खूबसूरत प्राकृतिक वादियों में फिल्माई गई जगहें भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।ये लोकेशन्स फिल्म के दक्षिण भारत की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को परिभाषित करने में मदद करती हैं, जिससे न केवल पारिवारिक गठजोड़ बल्कि क्षेत्रीय संवेदनाएं भी जीवंत होती हैं। ऐसी सिनेमाटोग्राफी ने फिल्म को एक अलग लुक दिया है।निर्देशन और निर्देशन की कमियां फिल्म तुषार जलोटा के निर्देशन में बनी है, जिन्होंने कहानी को हल्के-फुल्के कॉमिक टच के साथ पेश करने की कोशिश की है। हालांकि, निर्देशक की यह कोशिश पूरी तरह सफल नहीं हो पाई। कहानी का पहला हिस्सा खींचा हुआ लगता है और दूसरा हिस्सा भी कई बार अनावश्यक ड्रामा में उलझ जाता है।फिल्म की पटकथा कुछ जगहों पर क्लिष्ट हो जाती है और पात्रों के इमोशंस के बीच की सूक्ष्मता को छोड़ देती है। हालांकि, पारिवारिक और सांस्कृतिक नाटकों को दिखाने में तुषार ने अच्छा काम किया है। कुल मिलाकर, निर्देशन ने फिल्म को एक ‘साफ-सुथरी’ और मनोरंजक कॉमेडी बनाने का प्रयास किया है, पर उसमें गहराई की कमी है।परम सुंदरी का तुलना और विशेषताएं फिल्म देखते हुए कई बार यह महसूस होता है कि यह कहानी ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ जैसी हिट फिल्मों से प्रेरित है। दोनों में प्यार, कॉमेडी और पारिवारिक जज्बातों का मिश्रण मिलता है। साथ ही, इसे देखते हुए भारतीय फिल्मों के नॉर्थ-साउथ सांस्कृतिक संगम की झलक भी मिलती है।फिल्म में यह प्रयास किया गया है कि नया टेक्नोलॉजी—AI बेस्ड डेटिंग ऐप—से जुड़े ट्रेंड को भी उकेरा जाए, लेकिन कहानी में इसका समावेश थोड़ा मशीनी और पिछड़ा नजर आता है।फिल्म की सबसे बड़ी खासियत है जान्हवी-सिद्धार्थ की फ्रेश जोड़ी, जो फिल्म के दिल की खूबसूरती को बढ़ाती है। साथ ही, केरल की सुंदर लोकेशन्स, बेहतरीन संगीत और हल्की-फुल्की हास्य कला दर्शकों का ध्यान खींचती है।नकारात्मक पहलू फिल्म का धीमा पहला हॉफ, खिंचाव भरी कहानी, और कहीं-कहीं कमजोर पटकथा इसकी कमियां हैं। फिल्म में क्लाइमैक्स कुछ ज्यादा ही अपेक्षित और पारंपरिक लगता है। इसके अलावा, कुछ संवाद कमजोर और भारी हैं, जो कहानी की भावना को पूरी तरह से नहीं पकड़ पाते। फिल्म के कैरेक्टर डेवलपमेंट में भी सुधार की गुंजाइश है। कई किरदार ऊपरी और फॉर्मूला वाले नजर आते हैं, जिनका दर्शकों से ज्यादा गहरा जुड़ाव नहीं बन पाता।निष्कर्ष ‘परम सुंदरी’ एक ऐसी फिल्म है जो अपनी सरलता, प्यार और सांस्कृतिक टोन के चलते कुछ दर्शकों को जरूर पसंद आएगी। अगर दर्शक हल्की-फुल्की, पारिवारिक रोमांटिक कॉमेडी की तलाश में हैं तो यह फिल्म सही विकल्प साबित हो सकती है। जान्हवी कपूर का करियर इस फिल्म में एक सकारात्मक मोड़ लेता दिखता है जबकि सिद्धार्थ मल्होत्रा ने अपने काबिलीयत का अच्छा जज्बा दिखाया है। फिल्म की संगीत, लोकेशन और सांस्कृतिक प्रस्तुति इसे 2025 की उन फिल्मों में से एक बनाती है, जिसे देखा जा सकता है।फिर भी, अगर कोई नए, गहरे और दमदार कथानक की उम्मीद लेकर जाए तो थोड़ा निराश होगा। ‘परम सुंदरी’ एक हल्की-फुल्की मुस्कुराहट देने वाली फिल्म है, जो दिल को छूती है और उन प्रेम कहानियों की याद दिलाती है जो सहज और प्यारे अंदाज में दर्शाई जाती हैं।इस फिल्म में प्यार, कॉमेडी और संस्कृति का मिला-जुला तड़का है, जो एक बार जरूर देखा जा सकता है।
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‘सैयारा’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा
18 जुलाई को रिलीज़ हुई ‘सैयारा’ ने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी है. यह फिल्म साल 2025 की चौथी सबसे बड़ी ओपनर साबित हुई और इसने पहले दिन 20 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की. फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से बेहतरीन वर्ड ऑफ माउथ मिल रहा है, जिससे इसकी आगे भी अच्छी कमाई की उम्मीद है.
क्लैश से बचने का फैसला
‘सन ऑफ सरदार 2’ के मेकर्स जाहिर तौर पर अपनी फिल्म की कमाई पर ‘सैयारा’ के संभावित असर से बचना चाहते हैं. बॉलीवुड हंगामा ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि ‘सैयारा’ का प्रदर्शन उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है और इसके वीकेंड के साथ-साथ दूसरे हफ़्ते में भी अच्छी कमाई करने की उम्मीद है. ऐसे में, दो बड़ी फिल्मों का एक साथ रिलीज़ होना दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसी वजह से अजय देवगन ने जियो स्टूडियोज़ और अन्य पार्टनर्स के साथ मिलकर फिल्म की रिलीज़ को टालने का निर्णय लिया है.
ट्रेड एक्सपर्ट्स की राय
ट्रेड एक्सपर्ट्स अजय देवगन के इस फैसले को बिल्कुल सही मान रहे हैं. जुलाई का महीना बॉक्स ऑफिस के लिए काफी अच्छा रहा है, जिसमें ‘जुरासिक वर्ल्ड: रिबर्थ’, ‘मेट्रो… इन डिनो’, ‘सुपरमैन’ और अब ‘सैयारा’ जैसी फिल्में अच्छा कलेक्शन कर रही हैं. ‘सन ऑफ सरदार 2’ के अगस्त में खिसकने से उस महीने को भी मजबूती मिलेगी, क्योंकि उसी महीने में ‘वॉर 2’ और ‘कुली’ जैसी बड़ी फिल्में भी रिलीज़ होने वाली हैं.
अब ‘धड़क 2’ से होगा मुकाबला
हालांकि, ‘सन ऑफ सरदार 2’ की रिलीज़ टलने से अब इसका क्लैश तृप्ति डिमरी और सिद्धांत चतुर्वेदी स्टारर ‘धड़क 2’ से होगा. देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इन दोनों में से किस फिल्म को ज़्यादा पसंद करते हैं.
‘सन ऑफ सरदार 2’ में अजय देवगन के साथ मृणाल ठाकुर, रवि किशन, नीरू बाजवा, दीपक डोबरियाल, कुब्रा सेत, चंकी पांडे, शरत सक्सेना, विंदु दारा सिंह, संजय मिश्रा, अश्विनी कालसेकर जैसे मंझे हुए कलाकार नज़र आएंगे.